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Psoriasis: क्या होता है सोरायसिस, कितने प्रकार की होती है ये बीमारी, जानें लक्षण?

What Are The Early Signs Of Psoriasis: सोरायसिस एक गैर-संक्रामक त्वचा की बीमारी है, जिसमें लाल, परतदार चकत्ते, खुजली और सूखी त्वचा बनती है। ये इम्यून सिस्टम की वजह से होती है और विभिन्न प्रकार की होती है।

👤 Samachaar Desk 02 Mar 2026 05:07 PM

What Are The Early Signs Of Psoriasis: सोरायसिस एक त्वचा की बीमारी है जिसमें त्वचा पर खुजली वाले, लाल या गहरे रंग के चकत्ते और मोटी परतें बन जाती हैं। ये अक्सर घुटनों, कोहनियों, कमर के निचले हिस्से और सिर की त्वचा पर दिखाई देता है। ये किसी व्यक्ति से दूसरे में नहीं फैलती क्योंकि ये संक्रामक नहीं है, लेकिन ये एक दीर्घकालिक (क्रॉनिक) बीमारी है और समय-समय पर फिर से उभर सकती है।

ये बीमारी शरीर की इम्यून सिस्टम से जुड़ी होती है। सामान्य रूप से त्वचा की सेल्स धीरे-धीरे बनती और झड़ती हैं, लेकिन सोरायसिस में ये प्रक्रिया तेज हो जाती है। इसका मतलब है कि त्वचा की नई सेल्स जल्दी बनती हैं और पुरानी सेल्स ठीक से नहीं हटतीं, जिससे मोटी और पपड़ीदार परतें बन जाती हैं। फिलहाल इसका कोई स्थायी इलाज नहीं है, लेकिन सही उपचार और देखभाल से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।

सोरायसिस के लक्षण

सोरायसिस में त्वचा पर अलग-अलग लक्षण दिखाई दे सकते हैं:

छोटे या बड़े लाल/बैंगनी चकत्ते जिन पर सफेद या सिल्वर रंग की परत हो। त्वचा सूखी और फटी हुई हो सकती है, जिससे कभी-कभी खून भी आ सकता है। खुजली, जलन या दर्द महसूस होना।

ये बीमारी अक्सर चक्रों में आती है। कुछ हफ्तों या महीनों तक लक्षण बढ़ सकते हैं, फिर कुछ समय के लिए कम हो जाते हैं।

सोरायसिस के प्रकार

सोरायसिस के कई प्रकार होते हैं:

1. प्लाक सोरायसिस – सबसे आम प्रकार, जिसमें मोटी और उभरी हुई परतें बनती हैं।

2. नेल सोरायसिस – नाखूनों पर गड्ढे, रंग में बदलाव या नाखून ढीला पड़ना।

3. गुट्टेट सोरायसिस – आमतौर पर बच्चों और युवाओं में होता है और गले के संक्रमण के बाद दिखाई देता है।

4. इनवर्स सोरायसिस – शरीर की सिलवटों जैसे कमर या ब्रेस्ट के नीचे चिकने और लाल धब्बे।

5. पस्टुलर और एरिथ्रोडर्मिक सोरायसिस – कम आम लेकिन गंभीर प्रकार, जिसमें पस भरे फफोले या पूरे शरीर पर लाल, छिलती हुई त्वचा।

डॉक्टर से कब मिलें?

अगर त्वचा पर लगातार ये लक्षण दिखाई दें, दर्द या खुजली बढ़े, या इलाज के बावजूद लक्षण ठीक न हों, तो डॉक्टर से सलाह लेना बहुत जरूरी है। समय पर पहचान और इलाज से सोरायसिस को नियंत्रित किया जा सकता है और सामान्य जीवन जीना आसान हो जाता है।