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सावधान! कहीं आप भी तो अखबार में खाना नहीं रखते, Cancer से लेकर पाचन जैसी बीमीरियों का होता है खतरा, जानें

अखबार में खाना लपेटकर खाना सस्ता तो जरूर है, लेकिन सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है. अखबार की स्याही में मौजूद केमिकल्स जैसे खनिज तेल, बेंजिडाइन और अन्य विषैले तत्व कैंसर और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ाते हैं. FSSAI और अन्य स्वास्थ्य एजेंसियां भी इसे इस्तेमाल न करने की सलाह देती हैं.

👤 Samachaar Desk 19 May 2025 07:49 PM

आज भी कई घरों में और खासकर स्ट्रीट वेंडर्स या छोटे ढाबों में खाने को पैक करने के लिए न्यूजपेपर का उपयोग आम बात है. यह एक सस्ता और आसान तरीका लगता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह आदत आपकी सेहत पर क्या असर डाल सकती है? समोसे, ब्रेड पकौड़े जैसे स्नैक्स जब आप अखबार में लिपटे हुए खाते हैं, तो आप अनजाने में कई हानिकारक केमिकल्स भी निगल रहे होते हैं. स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी खाने की चीज को अखबार में लपेटकर खाना शरीर के लिए नुकसानदायक है. 

न्यूजपेपर की स्याही में छुपे जहरीले तत्व

अखबार में इस्तेमाल की जाने वाली स्याही फूड-ग्रेड नहीं होती. इसमें ऐसे कई खतरनाक केमिकल्स पाए जाते हैं. जैसे,

खनिज तेल (Mineral Oil)

नेफथाइलामाइन (Naphthylamine)

बेंजिडाइन (Benzidine)

सुगंधित हाइड्रोकार्बन (Aromatic Hydrocarbons)

ये सभी केमिकल्स कैंसर के खतरे को बढ़ाते हैं और जब गर्म या तैलीय खाना इनसे संपर्क में आता है, तो ये केमिकल्स सीधे खाने में मिल जाते हैं.

FSSAI और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की चेतावनी

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) और अन्य कई अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य संगठनों ने अखबार में खाना स्टोर करने या परोसने पर सख्त मना किया है. वे इसे एक गंभीर स्वास्थ्य जोखिम मानते हैं और बार-बार इसकी चेतावनी देते रहे हैं. अखबार आमतौर पर रिसाइकिल किए गए कागज से बनते हैं, जिनमें अक्सर हेवी मेटल्स, फथलेट्स और हानिकारक बैक्टीरिया मौजूद होते हैं. ये तत्व शरीर के लिए बेहद हानिकारक होते हैं और कैंसर के खतरे को और भी बढ़ा सकते हैं.

लंबे समय तक ऐसा खाना खाने से बढ़ते हैं रोग

रिसर्च के अनुसार, न्यूजपेपर में रखा हुआ खाना लंबे समय तक खाने से कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं. इनमें फेफड़ों से जुड़ी बीमारियां, यूरिन सिस्टम के रोग और पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याएं प्रमुख हैं. यह बात सही है कि अखबार में लपेटा हुआ खाना हर बार कैंसर का कारण नहीं बनता, लेकिन इससे जुड़ा जोखिम बहुत ज्यादा होता है. इसलिए एहतियात बरतना जरूरी है और इस आदत को जल्द से जल्द बदलना चाहिए.

सेहत के लिए अपनाएं सुरक्षित विकल्प

न्यूजपेपर की जगह आप ऐसे विकल्प चुन सकते हैं जो स्वास्थ्य के लिहाज से सुरक्षित हों, जैसे: स्टेनलेस स्टील या कांच के कंटेनर, फूड ग्रेड पेपर या एल्यूमिनियम फॉयल या फिर साफ-सुथरे, रिसाइकल न किए गए पैकिंग मटेरियल.


(Disclaimer: यह जानकारी सामान्य ज्ञान पर आधारित है. किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए विशेषज्ञ से सलाह लें.)