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इस बार ज्येष्ठ मास में होंगे 5 बड़े मंगलवार, हनुमान जी को लगाएं इन चीजों का भोग, हर संकट होगा दूर!

बड़ा मंगल 2025 में ज्येष्ठ मास के पांच मंगलवारों को हनुमान जी की विशेष पूजा और प्रिय भोग अर्पण करने से सभी दुख-कष्ट दूर होते हैं और जीवन में सुख, समृद्धि व आत्मिक बल की प्राप्ति होती है.

👤 Simran 13 May 2025 06:38 PM

Bada Mangal 2025ज्येष्ठ मास का आगमन होते ही भक्तों में उत्साह की लहर दौड़ जाती है, क्योंकि इसी माह में आता है बड़ा मंगल. साल 2025 में पहला बड़ा मंगल आज मनाया जा रहा है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन हनुमान जी की विशेष पूजा-अर्चना करने से समस्त दुख, रोग और कष्टों से मुक्ति मिलती है.

इस साल ज्येष्ठ मास में कुल 5 बड़े मंगलवार होंगे, जो कि श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत शुभ अवसर हैं. अगर इन पावन तिथियों पर सच्चे मन से बजरंगबली की पूजा के साथ विशेष भोग अर्पित किए जाएं, तो जीवन की बाधाएं स्वत: ही दूर हो जाती हैं. 

बड़ा मंगल पर हनुमान जी को क्या लगाएं भोग

बड़ा मंगल के दिन हनुमान जी को प्रिय वस्तुएं अर्पित करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है. इन चीजों का भोग लगाने से मनोकामनाओं की पूर्ति होती है और जीवन में सुख-समृद्धि का संचार होता है:

बूंदी के लड्डू: ये हनुमान जी का अत्यंत प्रिय भोग माना जाता है. इसे अर्पित करना अत्यंत शुभफलदायक होता है.

गुड़ और चने: इसे भोग में शामिल करने से आरोग्यता और अच्छे स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है.

केला, हलवा और गुड़ से बने व्यंजन: ये भोग समर्पित करने से हनुमान जी प्रसन्न होकर सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं.

लौंग और इलायची: इन सुगंधित वस्तुओं को अर्पित करना भी शुभ माना जाता है, विशेष रूप से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा के लिए.

पान का बीड़ा और लाल चोला: हनुमान जी को ये अर्पित करने से जीवन में स्थायित्व, सुरक्षा और उन्नति का आशीर्वाद मिलता है.

भोग के बाद क्या करना चाहिए?

भोग अर्पण के पश्चात भक्तों को हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ अवश्य करना चाहिए. ऐसा करने से मानसिक बल मिलता है और सभी संकटों का निवारण होता है. मान्यता है कि ज्येष्ठ माह के मंगलवार को ही प्रभु श्रीराम और हनुमान जी की पहली मुलाकात हुई थी. यही कारण है कि इस दिन को ‘बड़ा मंगल’ या ‘बुढ़वा मंगल’ के रूप में मनाया जाता है. इस दिन की गई पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है. भक्तों को ना केवल शारीरिक और मानसिक समस्याओं से छुटकारा मिलता है, बल्कि उन्हें ज्ञान, साहस और सफलता का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है.

आध्यात्मिक साधकों के लिए विशेष दिन

जो लोग अध्यात्म की राह पर अग्रसर हैं, उनके लिए भी ये दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है. ऐसा माना जाता है कि हनुमान जी ऐसे साधकों को विशेष रूप से मार्गदर्शन और सिद्धि प्रदान करते हैं. ये दिन तप, साधना और आत्मबल को सशक्त करने का सर्वोत्तम अवसर होता है.

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और लोक परंपराओं पर आधारित है. इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. ये आर्टिकल सिर्फ श्रद्धालुओं की जानकारी के लिए प्रस्तुत किया गया है.