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Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जयंती पर ऐसे लगाएं बजरंगबली को भोग, मिनटों में प्रसन्न होकर दूर करेंगे सारे संकट

Bajrangbali ko bhog kaise lagaen: हनुमान जयंती पर सही विधि से पूजा और प्रिय भोग चढ़ाने से बजरंगबली प्रसन्न होते हैं। इससे जीवन के संकट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि व सकारात्मकता का आशीर्वाद मिलता है।

👤 Samachaar Desk 01 Apr 2026 04:09 PM

Bajrangbali ko bhog kaise lagaen: हनुमान जयंती का पर्व हर भक्त के लिए आस्था और भक्ति से भरा खास दिन होता है। इस दिन लोग पूरे मन से बजरंगबली की पूजा करते हैं और उनसे अपने जीवन की परेशानियों को दूर करने की प्रार्थना करते हैं। माना जाता है कि अगर इस दिन सच्ची श्रद्धा के साथ पूजा की जाए और सही तरीके से भोग अर्पित किया जाए, तो हनुमान जी जल्दी प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं। इसलिए यह जानना जरूरी है कि इस दिन कौन-सी चीजें चढ़ानी चाहिए और पूजा कैसे करनी चाहिए, ताकि आपको उनका विशेष आशीर्वाद मिल सके।

हनुमान जयंती पर क्या भोग लगाएं?

बूंदी या बेसन के लड्डू

हनुमान जी को बूंदी और बेसन के लड्डू बहुत प्रिय माने जाते हैं। इस दिन इनका भोग लगाने से सुख-समृद्धि और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। मंदिर या घर में लड्डू चढ़ाकर पूजा करना शुभ माना जाता है।

गुड़ और चना

गुड़ और चना हनुमान जी का पारंपरिक भोग है। यह सादगी, शक्ति और ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। इसे अर्पित करने से व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक बल मिलता है।

केले का भोग

केला भी हनुमान जी को प्रिय होता है। पूजा के दौरान केले का भोग लगाकर बाद में इसे प्रसाद के रूप में बांटना बहुत शुभ माना जाता है। इससे घर में सकारात्मकता बनी रहती है।

पान का पत्ता

हनुमान जी को पान चढ़ाने की परंपरा भी काफी पुरानी है। विशेष रूप से हनुमान जयंती और मंगलवार के दिन पान अर्पित करने से शुभ फल मिलता है और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।

सिंदूर और चमेली का तेल

हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे बजरंगबली प्रसन्न होते हैं और भक्तों के सभी संकट दूर करते हैं।

भोग चढ़ाने की सही विधि

हनुमान जयंती के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ, स्वच्छ कपड़े पहनें। इसके बाद भगवान राम का ध्यान करते हुए हनुमान जी की पूजा शुरू करें। पूजा के दौरान हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करना बेहद शुभ माना जाता है। इसके बाद श्रद्धा और भक्ति के साथ भोग अर्पित करें। ध्यान रखें कि भोग हमेशा शुद्ध, ताजा और सात्विक होना चाहिए। पूजा के बाद इस प्रसाद को परिवार के सदस्यों और जरूरतमंदों में बांटना पुण्यदायक माना जाता है।

हनुमान जयंती का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हनुमान जी को कलयुग का सबसे जागृत देवता माना जाता है। उनकी पूजा करने से भय, रोग, शत्रु और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है। हनुमान जयंती के दिन किए गए जप, तप और दान का फल कई गुना बढ़ जाता है। इस दिन सच्चे मन से की गई भक्ति जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाती है।