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Durga Ashtami 2026: कब मनाई जाएगी महाअष्टमी, जानिए शुभ मुहूर्त और कन्या पूजन का सही तरीका

Durga Ashtami 2026 Date: चैत्र नवरात्रि की दुर्गा अष्टमी 2026 में 26 मार्च को मनाई जाएगी। इस दिन मां महागौरी की पूजा का विशेष महत्व है। अष्टमी तिथि 25 मार्च दोपहर से शुरू होकर 26 मार्च सुबह तक रहेगी।

👤 Ashwani Kumar 24 Mar 2026 02:24 PM

Durga Ashtami Kab Hai: चैत्र नवरात्रि का आठवां दिन, जिसे दुर्गा अष्टमी या महाअष्टमी कहा जाता है, हिंदू धर्म में बेहद पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की पूजा की जाती है। साल 2026 में चैत्र दुर्गा अष्टमी 26 मार्च को मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह दिन देवी शक्ति की उपासना और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। नवरात्रि के नौ दिनों में अष्टमी का विशेष महत्व होता है, क्योंकि इस दिन देवी की कृपा प्राप्त करने के लिए विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।

अष्टमी शुभ मुहूर्त

अष्टमी तिथि की शुरुआत 25 मार्च 2026 को दोपहर 1:50 बजे से होगी और इसका समापन 26 मार्च 2026 को सुबह 11:48 बजे होगा। ऐसे में भक्त इस दौरान पूजा कर सकते हैं और मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।

मां महागौरी की पूजा का महत्व

दुर्गा अष्टमी के दिन मां महागौरी की पूजा करने से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, देवी दुर्गा ने इस दिन कई असुरों जैसे महिषासुर, चंड-मुंड, शुंभ-निशुंभ और रक्तबीज का वध कर संसार को बुराई से मुक्त किया था।

मां दुर्गा को सृष्टि की जननी माना जाता है, जो सृजन, पालन और संहार की शक्ति रखती हैं। उनके दस हाथों में अलग-अलग अस्त्र-शस्त्र होते हैं, जो भक्तों की रक्षा का प्रतीक हैं।

दुर्गा अष्टमी पर क्या करें?

इस शुभ दिन पर भक्त विशेष पूजा करते हैं और कन्या पूजन का आयोजन करते हैं। परंपरा के अनुसार, 9 छोटी कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप मानकर घर बुलाया जाता है। उनका तिलक किया जाता है, चरण धोए जाते हैं और उन्हें हलवा, पूड़ी और चने जैसे सात्विक भोजन का प्रसाद खिलाया जाता है। इसके बाद उन्हें उपहार और दक्षिणा देकर आशीर्वाद लिया जाता है। कई लोग इस दिन गरीब और जरूरतमंद कन्याओं को भोजन, कपड़े और फल भी वितरित करते हैं, जिससे पुण्य की प्राप्ति होती है।

आस्था और भक्ति का पर्व

दुर्गा अष्टमी केवल एक धार्मिक पर्व ही नहीं, बल्कि यह आस्था, भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। यह दिन हमें सिखाता है कि अंततः अच्छाई की जीत और बुराई की हार निश्चित है। इस दिन श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई पूजा जीवन में सुख, शांति और सफलता लेकर आती है।