इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव को बिजली कहां से मिलती है?

इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव को ओवरहेड वायर से 25,000 वोल्ट AC बिजली मिलती है. ये बिजली मेन रूप से ट्रेन को चलाने यानी ट्रैक्शन के लिए होती है.

ट्रेन में कितनी तरह की बिजली की जरूरत होती है?

ट्रेन में मेन रूप से तीन तरह की बिजली की जरूरत होती है: ट्रैक्शन के लिए – 25kV AC, कोच सुविधाओं के लिए – लाइट, पंखे, AC, चार्जिंग (110V/220V DC).

हाई वोल्टेज बिजली सीधे कोच में क्यों नहीं दी जाती?

25kV की हाई वोल्टेज बिजली केवल ट्रैक्शन के लिए उपयुक्त होती है. कोच के उपकरण इतनी ज्यादा वोल्टेज पर काम नहीं कर सकते. इसलिए ट्रेन में पावर ट्रांसफॉर्मर और कन्वर्टर लगाए जाते हैं.

जनरेटर (पावर कार) का मुख्य काम क्या है?

हर ट्रेन में EOG (End-On Generation) या जनरेटर कार होती है. इसमें डीजल जनरेटर सेट लगे होते हैं, जो 750V/110V बिजली बनाकर कोच की लाइट, पंखे, AC और चार्जिंग सिस्टम को सप्लाई करते हैं.

ओवरहेड वायर में खराबी आए तो क्या होता है?

अगर ओवरहेड वायर में फॉल्ट आ जाए या ट्रेन किसी गैर-इलेक्ट्रिफाइड इलाके में पहुंच जाए, तब जनरेटर कार के जरिए कोच को लगातार बिजली मिलती रहती है.