ग्रहों की स्थिति
अधिकांश लोग बालों के झड़ने को सिर्फ पोषण या तनाव से जोड़ते हैं, लेकिन ज्योतिष शास्त्र में इसे ग्रहों की स्थिति से भी जोड़ा गया है.
राहु: बालों की सेहत का छिपा हुआ कारक
राहु को बालों का ग्रह माना जाता है. जब ये धनु या वृश्चिक राशि में कमजोर अवस्था में होता है, तो बाल झड़ने की समस्या तेज हो सकती है.
मंगल: पतले होते बाल और विवाह में बाधा
कमजोर मंगल न केवल बालों की लंबाई और घनत्व को घटाता है, बल्कि इससे विवाह संबंधी परेशानियां और गुस्से की प्रवृत्ति भी देखी जाती है.
सूर्य: बालों का झड़ना और आत्मबल में कमी
कुंडली में सूर्य अगर छठे या आठवें भाव में स्थित हो, या राहु-केतु जैसे छाया ग्रहों के साथ युति में हो, तो यह बालों की समस्याएं बढ़ा सकता है.
बुध: बालों के साथ त्वचा भी प्रभावित
बुध त्वचा और बालों दोनों का प्रतिनिधि ग्रह है. जब यह नीच राशि में हो या कुंडली के छठे व आठवें भाव में आ जाए, तो बाल झड़ने के साथ-साथ स्किन प्रॉब्लम्स जैसे एलर्जी, खुजली आदि भी हो सकती हैं.
केतु: मानसिक असंतुलन और बालों का नुकसान
केतु की खराब दशा, खासकर जब यह राहु या सूर्य के साथ हो, तो यह बालों का झड़ना तेज कर सकती हैय
बृहस्पति: माथे के बालों पर असर और वैवाहिक कलह
जब गुरु यानी बृहस्पति कमजोर हो, तो खासकर सिर के ऊपरी हिस्से के बाल झड़ते हैं. साथ ही वैवाहिक जीवन में कलह और आर्थिक अस्थिरता के संकेत भी कुंडली में उभरते हैं.