बसंत पंचमी 2026 की सही तिथि

पंचांग के अनुसार, उदयातिथि मानने पर बसंत पंचमी 23 जनवरी 2026 (शुक्रवार) को मनाई जाएगी. इसी दिन पूजा और व्रत का विशेष महत्व रहेगा.

पूजा के लिए सबसे शुभ समय

इस दिन अभिजीत मुहूर्त (11:50 से 12:40 बजे) में मां सरस्वती की पूजा करना अत्यंत फलदायी माना गया है. इस समय किया गया जाप और पूजन शीघ्र फल देता है.

क्यों खास है बसंत पंचमी

बसंत पंचमी को सरस्वती जयंती भी कहा जाता है. मान्यता है कि इसी दिन मां सरस्वती का प्राकट्य हुआ था, इसलिए यह दिन विद्या और बुद्धि की आराधना के लिए सर्वोत्तम है.

पीले रंग का विशेष महत्व

पीला रंग वसंत, ऊर्जा और सकारात्मकता का प्रतीक है. पीले वस्त्र, फूल और प्रसाद से पूजा करने से जीवन में उत्साह और मानसिक स्पष्टता बढ़ती है.

छात्रों के लिए सबसे शुभ दिन

छात्रों के लिए बसंत पंचमी बेहद खास मानी जाती है. इस दिन किताब, कलम और वाद्ययंत्र की पूजा करने से पढ़ाई में एकाग्रता और परीक्षा में सफलता मिलती है.

सरल लेकिन प्रभावी पूजा विधि

सुबह स्नान कर पीले वस्त्र पहनें, मां सरस्वती की प्रतिमा के सामने दीप जलाएं और ‘ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करें.

क्या करें और क्या न करें

इस दिन नई पढ़ाई या कला सीखने की शुरुआत करें, लेकिन मांस-मदिरा, क्रोध और नकारात्मक विचारों से दूरी बनाए रखें. शांत मन से पूजा करना अधिक फलदायी होता है.

विशेष उपाय

पीले चावल या हल्दी का दान करें और सरस्वती वंदना का पाठ करें. इससे वाणी में मधुरता, आत्मविश्वास और ज्ञान की वृद्धि होती है.