सरहिंद के नजदीक कानपुर गांव के पास रेलवे पोल नंबर 1208 के समीप देर रात जोरदार धमाका हुआ, जिससे दिल्ली–अमृतसर मुख्य रेलवे लाइन के लगभग 600 मीटर हिस्से में क्षति हुई. शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि धमाका किसी विस्फोटक के इस्तेमाल से किया गया था, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है.
घटना के समय उस मार्ग से कोई यात्री ट्रेन नहीं गुजर रही थी, जिससे बड़ा हादसा टल गया. हालांकि, एक मालगाड़ी का इंजन पटरी से उतर गया, और उसका चालक घायल हो गया. घायल चालक को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार किया जा रहा है. इस घटना से रेलवे प्रशासन और स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल बन गया.
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही राहत और मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया. क्षतिग्रस्त रेलवे ट्रैक को तुरंत दुरुस्त किया गया, जिससे रेल यातायात को बहाल किया जा सका. इसके साथ ही पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, धमाका रात करीब एक बजे हुआ, और आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के गांवों में दहशत फैल गई. घटना के तुरंत बाद पुलिस बल और रेलवे सुरक्षा दल सरहिंद रेलवे स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में तैनात कर दिए गए.
रेलवे और रेलवे पुलिस की ओर से फिलहाल इस घटना को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक ब्रीफिंग नहीं दी गई है. जांच एजेंसियां हर पहलू की पड़ताल कर रही हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि धमाका किसने और क्यों किया. प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि रेल यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है.
विशेषज्ञों का कहना है कि रेलवे ट्रैक पर यह तरह की घटनाएं गंभीर खतरे का संकेत हैं, खासकर राष्ट्रीय त्यौहार या गणतंत्र दिवस जैसे समय के पास. इसलिए सुरक्षा को और सख्त किया जा रहा है.
कुल मिलाकर, सरहिंद के पास हुए धमाके ने रेल मार्ग की सुरक्षा और निगरानी पर सवाल उठाए हैं, लेकिन समय पर राहत और मरम्मत कार्य के कारण बड़ा हादसा टल गया. जांच एजेंसियां अब मामले की गहन पड़ताल कर रही हैं और दोषियों को पकड़ने की कोशिश जारी है.
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