सोमवार को कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में पंजाब की झांकी ने देशभर का ध्यान अपनी ओर खींचा। यह झांकी सिखों के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत वर्ष गांठ को समर्पित रही। झांकी के जरिए उनके उस महान बलिदान को याद किया गया, जिसे मानवता, धार्मिक स्वतंत्रता और न्याय की रक्षा के लिए दिया गया था।
गुरु तेग बहादुर जी को “हिंद दी चादर” के रूप में जाना जाता है, जिन्होंने दूसरों के धर्म और विश्वास की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
झांकी का ट्रैक्टर हिस्सा बेहद प्रतीकात्मक था। इसमें एक विशाल हाथ को दर्शाया गया था, जिससे आध्यात्मिक आभा निकलती दिखाई दे रही थी। यह हाथ करुणा, साहस और गुरु तेग बहादुर जी के मानवतावादी दृष्टिकोण का प्रतीक था। हाथ के ऊपर घूमते हुए “एक ओंकार” को दिखाया गया, जो सिख धर्म के उस मूल संदेश को दर्शाता है कि ईश्वर एक है और सत्य शाश्वत है।
उस हाथ पर डाला गया कपड़ा, जिस पर “हिंद दी चादर” लिखा था, झांकी का खास आकर्षण रहा। यह उस ऐतिहासिक भूमिका को दर्शाता है, जिसमें गुरु तेग बहादुर जी ने अत्याचार से पीड़ित लोगों की ढाल बनकर रक्षा की। यह संदेश दिया गया कि उन्होंने किसी एक धर्म के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानवता के अधिकारों के लिए बलिदान दिया।
झांकी के ट्रेलर हिस्से में शबद कीर्तन करते रागी सिंहों को दिखाया गया, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक और भावुक हो गया। पीछे खंडा साहिब का स्मारक दर्शाया गया, जो सिख परंपरा की पवित्रता और शक्ति का प्रतीक है। यह पूरा दृश्य दिल्ली स्थित गुरुद्वारा शीशगंज साहिब के ऐतिहासिक चौक को दर्शाता था, जहां आज भी गुरु तेग बहादुर जी की शहादत की स्मृति में कीर्तन होता है।
झांकी के साइड पैनलों में गुरु तेग बहादुर जी के तीन महान शिष्य भाई मती दास, भाई सती दास और भाई दयाला की शहादत को भी दर्शाया गया। इन दृश्यों ने उनके अटूट साहस और गुरु के सिद्धांतों के प्रति समर्पण को उजागर किया।
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने झांकी की सराहना करते हुए कहा कि गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान को याद कर पूरा देश गौरवान्वित महसूस कर रहा है। वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसे पंजाब और सिख समुदाय के लिए गर्व का क्षण बताया और कहा कि गुरु साहिब का बलिदान आज भी हमें अन्याय के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा देता है।
यह झांकी सिर्फ पंजाब की सांस्कृतिक पहचान नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए मानवाधिकार, स्वतंत्रता और न्याय का संदेश लेकर सामने आई।
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