लुधियाना पश्चिम उपचुनाव के नतीजों ने पंजाब की राजनीति में हलचल मचा दी है। कांग्रेस को इस चुनाव में मिली हार के बाद पार्टी में अंदरूनी संकट और ज्यादा गहरा गया है। अब इस्तीफों का दौर शुरू हो गया है।
सबसे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लुधियाना से उम्मीदवार भारत भूषण आशु ने पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था। अब उनके बाद दो और बड़े नेता परगट सिंह और कुशलदीप सिंह किक्की ढिल्लों ने भी अपने पद छोड़ दिए हैं।
परगट सिंह, जो जालंधर कैंट से विधायक हैं, और किक्की ढिल्लों, जो फरीदकोट से पूर्व विधायक रह चुके हैं, दोनों ने अपना इस्तीफा कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव के.सी. वेणुगोपाल और पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल को भेज दिया है।
सूत्रों के अनुसार, किक्की ढिल्लों इस समय ऑस्ट्रेलिया में हैं और उन्होंने ईमेल के जरिए अपना इस्तीफा भेजा है। परगट सिंह ने भी अपना इस्तीफा पार्टी के शीर्ष नेताओं को सौंप दिया है।
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर अब तक कांग्रेस की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। पार्टी के अन्य नेताओं ने भी अभी इस पर चुप्पी साध रखी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उपचुनाव की हार ने पार्टी के अंदर पहले से चल रहे असंतोष को और हवा दी है। कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच नेतृत्व को लेकर असंतोष और नाराजगी की बातें भी सामने आ रही हैं।
विशेष रूप से कार्यकारी अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद से एक के बाद एक तीन नेताओं का इस्तीफा, कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। यह दर्शाता है कि पार्टी के अंदरूनी हालात अच्छे नहीं हैं और नेतृत्व को इस संकट से उबरने के लिए जल्द ठोस कदम उठाने होंगे।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि कांग्रेस हाईकमान इस मुद्दे को कैसे संभालेगा और क्या बदलाव किए जाएंगे ताकि पार्टी दोबारा एकजुट हो सके।
Copyright © 2026 The Samachaar
