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पंजाब में इतिहास रच दिया! गरीबों के लिए मान सरकार का बड़ा एलान, जानें आपके लिए क्या

पंजाब सरकार ने समाज के वंचित और जरूरतमंद तबकों को आर्थिक राहत देने की दिशा में एक बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में चल रही सरकार ने अनुसूचित जाति (SC) समुदाय के 505 परिवारों को कर्ज माफी के प्रमाणपत्र वितरित किए हैं, जिनकी कुल राशि 8.72 करोड़ रुपये है.

👤 Golu Dwivedi 02 Jul 2025 01:53 PM

पंजाब सरकार ने समाज के वंचित और जरूरतमंद तबकों को आर्थिक राहत देने की दिशा में एक बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में चल रही सरकार ने अनुसूचित जाति (SC) समुदाय के 505 परिवारों को कर्ज माफी के प्रमाणपत्र वितरित किए हैं, जिनकी कुल राशि 8.72 करोड़ रुपये है.

यह एलान सामाजिक सुरक्षा मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने किया, जिन्होंने इसे राज्य सरकार की “आशीर्वाद स्कीम” का हिस्सा बताया. इस योजना के तहत 140 लाभार्थियों को 71.40 लाख रुपये की अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी मंजूर की गई है, जिसमें प्रत्येक को 51,000 रुपये की आर्थिक मदद मिलेगी.

पहली बार किसी सरकार ने उठाया ऐसा कदम

डॉ. बलजीत कौर ने इसे पंजाब के इतिहास में अभूतपूर्व बताते हुए कहा कि हमने पहली बार समाज के कमजोर तबके के लिए कर्ज माफ कर राहत पहुंचाई है. सरकार का बजट अब आम लोगों की भलाई के लिए समर्पित है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार अब फिजूलखर्ची नहीं, बल्कि जनहित में हर एक पैसा खर्च कर रही है.

किन कर्जदारों को मिलेगा लाभ?

यह राहत पंजाब अनुसूचित जाति भूमि विकास एवं वित्त निगम (PSCFC) द्वारा 31 मार्च 2020 तक वितरित कर्जों पर लागू होगी. इससे SC समुदाय और दिव्यांग व्यक्तियों को बड़ा फायदा मिलेगा. सरकार ने साफ किया है कि जिन पर यह कर्ज था, उन्हें 'नो ड्यूज सर्टिफिकेट' जारी कर दिया गया है.

अप्रैल 2025 तक का सारा बकाया होगा क्लियर

राज्य सरकार 30 अप्रैल 2025 तक का मूलधन, ब्याज और दंडात्मक ब्याज भी PSCFC को चुकाएगी. इसके बाद, कोई वसूली की कार्रवाई नहीं होगी और सभी कर्जदारों को पूरी तरह से कर्ज मुक्त मान लिया जाएगा.

‘आशीर्वाद स्कीम’ से उम्मीद की नई रोशनी

यह कर्ज माफी महज आर्थिक मदद नहीं, बल्कि उन परिवारों के लिए एक नई शुरुआत है जो वर्षों से कर्ज के दलदल में फंसे थे. अब वे सम्मान के साथ जीवन जी सकेंगे और सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे. यह कदम न सिर्फ सामाजिक न्याय की दिशा में एक मजबूत पहल है, बल्कि पंजाब के सामाजिक-आर्थिक ताने-बाने को सशक्त करने का प्रयास भी है.