Chandigarh Mayor Election: चंडीगढ़ नगर निगम को आखिरकार नया मेयर मिल गया है. तिकोने मुकाबले में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के उम्मीदवार सौरभ जोशी ने जीत दर्ज कर ली है और वे अब चंडीगढ़ के नए मेयर बन गए हैं. इस चुनाव में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस भी मैदान में थीं, लेकिन बीजेपी ने साफ बढ़त बनाते हुए बाज़ी अपने नाम कर ली.
मेयर चुनाव को लेकर नगर निगम हाउस में काफी गहमा-गहमी देखने को मिली, लेकिन अंत में नतीजा बीजेपी के पक्ष में गया. सौरभ जोशी की जीत को पार्टी के लिए एक बड़ी राजनीतिक सफलता माना जा रहा है.
मेयर पद के लिए हुए चुनाव में कुल 36 वोट पड़े. इनमें बीजेपी को 18 वोट, आम आदमी पार्टी को 11 वोट और कांग्रेस को 7 वोट मिले. आम आदमी पार्टी की ओर से योगेश ढींगरा उम्मीदवार थे, लेकिन वे सौरभ जोशी के सामने टिक नहीं पाए. कांग्रेस भी मुकाबले में थी, लेकिन उसके पास संख्या बल कम होने की वजह से वह पीछे रह गई.
इस बार मेयर का चुनाव हाथ खड़े करके कराया गया, जिससे वोटिंग पूरी तरह पारदर्शी रही. पार्षदों से खुले तौर पर पूछा गया कि वे किस उम्मीदवार के समर्थन में हैं और बाद में उनसे दस्तखत भी करवाए गए. इस प्रक्रिया के कारण किसी भी तरह की क्रॉस वोटिंग नहीं हुई.
सौरभ जोशी चंडीगढ़ की स्थानीय राजनीति में एक जाना-पहचाना नाम हैं. वे लंबे समय से बीजेपी संगठन से जुड़े हुए हैं और एक सक्रिय पार्षद के तौर पर अपनी पहचान बना चुके हैं. शहर से जुड़े मुद्दों पर वे अक्सर मुखर होकर अपनी बात रखते रहे हैं.
सौरभ जोशी ने सफाई व्यवस्था, ट्रैफिक की समस्या, पार्किंग, सड़कों की हालत और आम नागरिकों की सुविधाओं को लेकर लगातार काम किया है. उनकी जीत के बाद अब लोगों को उम्मीद है कि चंडीगढ़ के विकास को नई रफ्तार मिलेगी और नगर निगम की कार्यप्रणाली में सुधार होगा.
मेयर चुनाव के बाद कांग्रेस के सभी पार्षद नगर निगम हाउस से बाहर चले गए. इसके चलते सीनियर डिप्टी मेयर पद के लिए मुकाबला सिर्फ बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच रह गया. इस चुनाव में बीजेपी के जसमनप्रीत सिंह ने जीत हासिल की.
जसमनप्रीत सिंह को 18 वोट मिले, जबकि आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार मुनव्वर खान को 11 वोट से संतोष करना पड़ा. इस तरह बीजेपी ने मेयर के साथ-साथ सीनियर डिप्टी मेयर पद पर भी कब्जा जमा लिया.
इस पूरे चुनाव में बीजेपी की रणनीति और संगठन की मजबूती साफ नजर आई. संख्या बल के साथ-साथ पार्टी ने पूरी तैयारी के साथ चुनाव लड़ा, जिसका फायदा उसे मिला. वहीं आम आदमी पार्टी और कांग्रेस को इस चुनाव में झटका लगा है.
चंडीगढ़ के नए मेयर सौरभ जोशी के सामने अब शहर की साफ-सफाई, ट्रैफिक व्यवस्था, मूलभूत सुविधाएं और विकास से जुड़े कई बड़े चैलेंज हैं. अब देखना होगा कि वे अपनी जिम्मेदारी को कितनी मजबूती से निभाते हैं और चंडीगढ़ की जनता की उम्मीदों पर कितना खरे उतरते हैं.
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