ईरान में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं और हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। विरोध प्रदर्शन कमरानी सरकार के खिलाफ शुरू हुए थे, जो महंगाई और मुद्रा गिरावट के कारण बढ़े। अब यह 20वें दिन में प्रवेश कर चुके हैं और देश के 280 स्थानों पर झड़पें हुई हैं। इस दौरान 2,500 लोगों की मौत हो चुकी है।
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत की। इस बातचीत में दोनों ने ईरान और उसके आसपास की बढ़ती संकट की स्थिति पर चर्चा की। जयशंकर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस बातचीत की जानकारी साझा की और बताया कि उन्होंने स्थिति पर विचार-विमर्श किया।
भारतीय दूतावास ने ईरान में रह रहे सभी भारतीय नागरिकों से सुरक्षित रूप से देश छोड़ने की सलाह दी है। इसमें छात्र, तीर्थयात्री, व्यापारी और पर्यटक शामिल हैं। सभी नागरिकों को अपने पासपोर्ट और पहचान दस्तावेज तैयार रखने और भारतीय दूतावास से संपर्क में रहने के निर्देश दिए गए हैं। दूतावास ने चेतावनी दी कि प्रदर्शन या झड़प वाले इलाकों से दूर रहें और स्थानीय मीडिया पर नजर बनाए रखें।
जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और S. जयशंकर से अपील की है कि ईरान में फंसे कश्मीरी छात्रों की तुरंत सुरक्षित निकासी सुनिश्चित की जाए।
इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने प्रदर्शनकारियों से अपने संस्थानों पर नियंत्रण लेने और पीछे न हटने की अपील की। उन्होंने कहा कि मदद जल्द आ रही है, लेकिन इसके बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी। अमेरिकी प्रशासन ने एहतियात के तौर पर अल उदैद एयर बेस से कुछ कर्मियों को हटाने की सलाह दी। ईरान ने पड़ोसी देशों को चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका हमला करता है, तो अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा।