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Shami SIR Notice: क्रिकेटर मोहम्मद शमी का नाम वोटर वेरिफिकेशन में क्यों आया सामने? जानिए पूरा मामला

SIR: पश्चिम बंगाल में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान के तहत भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी को वोटर वेरिफिकेशन के लिए नोटिस भेजा गया था. राजकोट में विजय हजारे ट्रॉफी खेलने के कारण वह सुनवाई में शामिल नहीं हो सके. अब चुनाव आयोग ने उन्हें 9 से 11 जनवरी के बीच नई तारीख दी है.

👤 Ashwani Kumar 06 Jan 2026 03:08 PM

भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी हाल ही में एक अलग वजह से चर्चा में आ गए हैं. मामला क्रिकेट से नहीं, बल्कि वोटर लिस्ट के सत्यापन से जुड़ा है. पश्चिम बंगाल में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान के तहत मोहम्मद शमी को कोलकाता के जादवपुर इलाके में स्थित एक स्कूल में सुनवाई के लिए बुलाया गया था. यह सुनवाई मतदाता सूची से जुड़े सत्यापन के लिए रखी गई थी.

सुनवाई में क्यों नहीं पहुंच पाए शमी?

मोहम्मद शमी को यह नोटिस सोमवार के लिए जारी किया गया था, लेकिन उस दिन वह राजकोट में विजय हजारे ट्रॉफी खेल रहे थे. शमी बंगाल टीम की ओर से टूर्नामेंट में हिस्सा ले रहे थे, जिसकी वजह से वह कोलकाता में होने वाली सुनवाई में शामिल नहीं हो सके. इसके बाद शमी ने निर्वाचन आयोग से नई तारीख देने का अनुरोध किया, जिसे स्वीकार कर लिया गया है.

अब चुनाव आयोग ने शमी की सुनवाई की नई तारीख तय की है, जो 9 जनवरी से 11 जनवरी के बीच होगी.

शमी और उनके भाई को क्यों बुलाया गया?

चुनाव अधिकारियों के मुताबिक, मोहम्मद शमी और उनके भाई मोहम्मद कैफ दोनों को सत्यापन के लिए बुलाया गया था. पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) कार्यालय ने बताया कि दोनों के नामांकन यानी एन्यूमरेशन फॉर्म में कुछ जानकारियों में गड़बड़ी पाई गई थी. इसी कारण उन्हें SIR सत्यापन सुनवाई के लिए बुलाना जरूरी समझा गया.

मोहम्मद शमी का वोटर रिकॉर्ड कोलकाता नगर निगम के वार्ड नंबर 93 में दर्ज है, जो रासबिहारी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है.

यूपी के रहने वाले, लेकिन बंगाल से नाता

हालांकि मोहम्मद शमी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं, लेकिन उनका क्रिकेट करियर कोलकाता से ही आगे बढ़ा. वह कम उम्र में कोलकाता आ गए थे और यहां बंगाल के पूर्व रणजी कप्तान सम्बरन बनर्जी के मार्गदर्शन में क्रिकेट की ट्रेनिंग ली. इसके बाद उन्होंने बंगाल की अंडर-22 टीम से खेलते हुए पहचान बनाई और फिर भारतीय टीम तक पहुंचे.

SIR अभियान क्या है?

यह मामला पश्चिम बंगाल में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान के दौरान सामने आया है. इस अभियान का मकसद मतदाता सूची को पूरी तरह सही और अपडेट करना है. इसमें मृत मतदाताओं, डुप्लीकेट नामों और गलत पते वाले रिकॉर्ड को ठीक किया जा रहा है. चुनाव अधिकारियों ने साफ कहा है कि इस प्रक्रिया में आम नागरिकों के साथ-साथ सेलिब्रिटी और नेता भी समान नियमों के दायरे में आते हैं.

अन्य चर्चित नाम भी आए सामने

मोहम्मद शमी अकेले ऐसे नाम नहीं हैं जिन्हें नोटिस भेजा गया हो. इस अभियान के दौरान अभिनेता और तृणमूल कांग्रेस सांसद देव, अभिनेता दंपति लाबोनी सरकार और कौशिक बंद्योपाध्याय जैसे नाम भी सामने आए हैं या उन्हें सत्यापन के लिए बुलाया गया है.

चुनाव आयोग का साफ संदेश

चुनाव अधिकारियों का कहना है कि SIR अभियान का उद्देश्य किसी को निशाना बनाना नहीं, बल्कि मतदाता रिकॉर्ड को पूरी तरह पारदर्शी और सही बनाना है. चाहे व्यक्ति आम हो या देश का बड़ा क्रिकेटर, सभी को नियमों का पालन करना होगा. इस पूरे मामले ने यह साफ कर दिया है कि चुनावी प्रक्रिया में बराबरी और पारदर्शिता सबसे अहम है.